Home सेहत ये है हिमालयी वियाग्रा, नपुंसकता सहित इन 7 बीमारियों को करती है...

ये है हिमालयी वियाग्रा, नपुंसकता सहित इन 7 बीमारियों को करती है दूर

27
0
SHARE

नई दिल्ली : कैटरपिलर फंगस यानी हिमालयी वियाग्रा हिमालयी क्षेत्र में पायी जाने वाली बेहदी उपयोगी जड़ी-बूटी है. इसका सेवन शरीर को तमाम समस्याओं से राहत देता है. लाइलाज बीमारियों तक में इसके सेवन से आराम मिलता है. विशिष्ट प्रकार के पहाड़ी कीड़े पर उगने वाली फफूंद को हिमालयी वियाग्रा कहा जाता है. इसके भाव की बात करें तो यह सोने से भी महंगी मिलती है. एक किलोग्राम कैटरपिलर फंगस 60 लाख रुपये तक की मिलती है. इसको खाने से नपुंसकता से लेकर कैंसर तक का इलाज संभव है.

जलवायु परिवर्तन के कारण मुश्किल से मिल रही
हाल ही में आई एक रिपोर्ट में बताया गया कि जलवायु परिवर्तन के कारण इसका मिलना मुश्किल हो गया है. इसकी महंगी कीमत के कारण ही चीन और नेपाल में फफूंद यानी ‘यार्चागुम्बा’ को लेकर हुए झगड़ों में कई लोग मारे जा चुके हैं. इसका उत्पादन 3300 और 4000 मीटर हिमालय क्षेत्र के बीच में नेपाल, भूटान, भारत और तिब्बत में होता है. पतली और पीले रंग में मिलने वाली यह फफूंद काफी महंगी बिकती है.

लाइलाज बीमारियों के लिए रामबाण
हिमालयी वियाग्रा में एसओडी, फैटी एसिड, न्यूक्लीओसाइड प्रोटीन, विटामिन ए, विटामिन B1, B2, B6, B12, जिंक, कॉर्बन और कार्बोहाइड्रेड पाए जाते हैं. इन सभी का एक ही पदार्थ में मिलने के कारण यह लाइलाज बीमारियों के उपचार में रामबाण साबित होती है. आगे पढ़िए हिमालयी वियाग्रा खाने के 7 जबरदस्त फायदों के बारे में…

मर्द रोजाना दूध में डालकर पिएं ये चीज, 7 दिन में दिखाई देगा चमत्कार

नपुंसकता का इलाज
जैसा कि हिमालयी वियाग्रा के नाम से ही काफी कुछ समझ में आ रहा है. कई देशों में इसका सेवन नपुंसकता के उपचार में किया जाता है. ऐसा माना जाता है कि इसके सेवन से शारीरिक अशक्तता दूर होती है और शरीर में आंतरिक ताकत आती है. हालांकि वैज्ञानिक तौर पर इसके फायदे साबित नहीं हुए हैं.

श्वसन प्रणाली संबंधी उपचार
कई अध्ययनों से साफ हो चुका है कि कैटरपिलर फंगस यानी हिमालयी वियाग्रा में एंटोबायोटिक गुण हैं. इसके सेवन से फेफड़ों और श्वसन प्रणाली संबंधी समस्याओं का उपचार संभव है.

पुराने दर्द में मिलेगा आराम
अगर आपके घर में कोई शरीर के किसी भी हिस्से में पुराने से पुराने दर्द से पीड़ित है तो हिमालयी वियाग्रा का सेवन फायदा देगा. क्योंकि यह एक पीड़ानाशक औषधि है, यह साइटिका और पीठ दर्द के पुराने से पुराने दर्द में आराम देती है.

रोजाना खाएं 50 ग्राम भुने हुए चने, 7 दिन में दिखाई देगा चमत्कार

शारीरिक ताकत दें
कैटरपिलर फंगस यानी हिमालयी वियाग्रा को खाने से आपके शरीर में स्फूर्ति बनी रहती है और शारीरिक क्षमता बढ़ती है. अगर आपका शरीर अक्सर थकान महसूस करता है तो हिमालयी वियाग्रा का सेवन फायदेमंद रहेगा.

लिवर संबंधी उपचार
अक्सर लोगों में लिवर संबंधी रोग पाए जाते हैं. जिस व्यक्ति को लिवर संबंधी परेशानी होती है, वह अक्सर बीमार रहता है और कुछ भी अच्छे से खा पी नहीं पाता. चीन में हिमालयी वियाग्रा का सेवन हेपीटाइटस बी के उपचार और लिवर संबंधी समस्या के लिए किया जाता है.

अगर आप लंबे समय तक बैठकर करते हैं काम तो हो जाएं चौकन्ने!

ल्यूकेमिया का इलाज
ल्यूकेमिया के उपचार में भी हिमालयी वियाग्रा बेहद कारगर साबित होती है. ल्यूकेमिया एक प्रकार का ब्लड कैंसर है जिसमें शरीर में सफेद रक्त कोशिकाओं की संख्या असामान्य रूप से बढ़ती हैं और इनके आकार में भी परिवर्तन होता है. ये जमाव स्वस्थ रक्त कोशिकाओं के विकास में बाधक होती हैं.

कुष्ठ रोग का उपचार
हिमालयी वियाग्रा का नियमित सेवन क्षय रोग के उपचार में सहायक रहता है. इसके अलावा इसके सेवन से कुष्ठ रोग का उपचार भी संभव है.

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here