Home देश PM नरेंद्र मोदी का नहीं कोई विकल्‍प, 2024 के बाद भी सत्‍ता...

PM नरेंद्र मोदी का नहीं कोई विकल्‍प, 2024 के बाद भी सत्‍ता में बने रह सकते हैं!

99
0
SHARE

चीनी राष्‍ट्रपति शी जिनपिंग के दोबारा राष्‍ट्रपति पद की शपथ लेने और रूसी राष्‍ट्रपति व्‍लादिमीर पुतिन के चौथी बार राष्‍ट्रपति चुने जाने के बाद अंतरराष्‍ट्रीय जगत में यह कयास लगाए जाने लगे हैं कि बदलते वैश्विक परिदृश्‍य में कौन सा नेता कितने दिनों तक सत्‍ता में रहकर देश और दुनिया पर अपना प्रभाव डाल सकता है. वैसे तो दुनिया में आर्थिक और सैन्‍य आधार पर किसी मुल्‍क और उसके नेता की ताकत का अनुमान लगाया जाता है. निश्चित रूप से इस मामले में पहले नंबर पर अमेरिका और दूसरे नंबर पर तेजी से चीन अपना स्‍थान मजबूत करता जा रहा है.

लेकिन जब मामला जलवायु परिवर्तन, गरीबी उन्‍मूलन और शांति स्‍थापित करने का हो तो दुनिया के कई अन्‍य महत्‍वपूर्ण नेताओं की ओर सहज ही ध्‍यान चला जाता है. ब्‍लूमबर्ग ने दुनिया के ऐसे 16 नेताओं की पहचान की है, जो अपने महत्‍वपूर्ण कार्यों से वैश्विक मंच पर गुणात्‍मक असर डाल रहे हैं. ब्‍लूमबर्ग मीडिया समूह ने ऐसे ही नेताओं का आकलन है जो वैश्विक फलक पर 2020 के बाद भी घरेलू मोर्चे पर अजेय रहने के साथ महत्‍वपूर्ण वैश्विक मसलों पर अहम भूमिका निभाने के कारण असरकारी बने रह सकते हैं. दरअसल इन नेताओं के सत्‍ता में रहने की संभावित अवधि के आधार पर ही इनका चयन किया गया है. लिहाजा इन 16 नेताओं की सूची में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी छठे स्‍थान पर काबिज हैं.

नरेंद्र मोदी (67)
ब्‍लूमबर्ग मीडिया समूह के मुताबिक नरेंद्र मोदी भारत के राजनीतिक क्षितिज पर पूरी तरह से छाए हुए हैं. हालांकि बड़े संरचनात्‍मक बदलाव के लिए राज्‍यसभा में उनके पास अपेक्षित बहुमत नहीं है लेकिन पीएम नरेंद्र मोदी के नेतृत्‍व में बीजेपी 2014 में केंद्र की सत्‍ता पर काबिज होने के बाद एक के बाद दूसरे राज्‍यों में लगातार जीतती जा रही है. बीजेपी की जिताऊ चुनावी मशीनरी के सामने विपक्षी क्षेत्रीय क्षत्रप ढेर हो रहे हैं. विपक्ष में बिखराव, राज्‍यों में लगातार जीत और पीएम मोदी की अपार लोकप्रियता के कारण 2019 में उनका चुनाव जीतना निश्चित सरीखा लगता है. हालांकि मजबूत विपक्ष की कमी के कारण 2024 के बाद भी उनके सत्‍ता में बने रहने की भरपूर संभावना है.

मोहम्‍मद बिन सलमान (32)
सऊदी अरब के क्राउन प्रिंस मोहम्‍मद बिन सुल्‍तान इस सूची में पहले स्‍थान पर काबिज हैं. हालांकि अभी क्राउन प्रिंस हैं लेकिन प्रभावी ढंग से शासन कर रहे हैं. पिता किंग सलमान ने अपना वारिस घोषित कर दिया है. तेल इकोनॉमी के बाद के दौर की संकल्‍पना पेश कर रहे हैं. सऊदी अरब को वहाबी इस्‍लाम की जगह प्रगतिशील मुस्लिम स्‍टेट बनाने का सपना देख रहे हैं. इस कड़ी में दोस्‍त कम दुश्‍मन अधिक बना रहे हैं लेकिन यदि स्‍वास्‍थ्‍य ने साथ दिया तो कम से कम 50 साल तक सत्‍ता में बने रह सकते हैं.