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18 मार्च से शुरू होंगे चैत्र नवरात्रे, जानिए किस दिन माता को लगाए किस चीज का भोग

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साल में दो बार नौ दिनों तक माता दुर्गा के स्वरुपों की पूजा की जाती है, जिसे नवरात्रि कहा जाता है. पहला चैत्र मास में नवरात्रि जबकि दूसरा शारदीय नवरात्रि. इस बार चैत्र मास की नवरात्रि 18 मार्च से शुरू हो रही है, जो 25 मार्च को रामनवमी तक रहेगी. माता के स्वरूपों की पूजा के दौरान हर दिन का एक अलग महत्व है. जिस प्रकार नौ दिन माता के हर एक स्वरूप की पूजा होती है, ठीक उसी प्रकार नौ दिन माता को अलग-अलग भोग अर्पित किया जाता है.

ऐसा कहा जाता है कि माता के स्वरूप के हिसाब से अगर उन्हें भोग अर्पित किया जाए तो वह प्रसन्न होती है और प्रसाद अर्पित करने वाले के सभी कष्ट मिट जाते हैं. नवरात्रि से पहले जानिए कि माता के सभी स्वरूपों को किस चीज का भोग लगाना चाहिए, ताकि भक्तों के सभी कष्ट मिट जाए.

पहला दिन: नवरात्रि का पहला दिन मां शैलपुत्री का होता है. पहले दिन घी का भोग लगाएं और दान करें. इससे रोगी को कष्टों से मुक्ति मिलती है और बीमारी दूर होती है.

दूसरा दिन: दूसरा दिन मां ब्रह्मचारिणी का होता है. माता को शक्कर का भोग लगाएं और उसका दान करें. इससे आयु लंबी होती है.

तीसरा दिन: तीसरे दिन मां चंद्रघंटा की पूजा की जाती है. मां को दूध चढ़ाएं और इसका दान करें. ऐसा करने से सभी तरह के दु:खों से मुक्ति मिलती है.

चौथा दिन: चौथे दिन मां कुष्मांडा की अराधना होती है. माता को मालपुए का भोग लगाएं और दान करें. इससे सभी प्रकार के कष्टों से मुक्ति व सुख की प्राप्ति होती है.

पांचवां दिन: पांचवें दिन मां स्कंदमाता का है. मां को केले व शहद का भोग लगाएं व दान करें. इससे परिवार में सुख-शांति रहेगी और शहद के भोग से धन प्राप्ति के योग बनते हैं.

छठां दिन: छठे दिन मां कात्यानी की पूजा की जाती है. षष्ठी तिथि के दिन प्रसाद में मधु यानि शहद का प्रयोग करना चाहिए. इसके प्रभाव से साधक सुंदर रूप प्राप्त करता है.

सातवां दिन: सातवां दिन मां कालरात्रि को पूजा जाता है. मां को गुड़ की चीजों का भोग लगाकर दान करने से गरीबी दूर हो जाती है.

आठवां दिन: अष्टमी के दिन महागौरी यानि मां दुर्गा को समर्पित है. माता को नारियल का भोग लगाकर दान करना चाहिए, ऐसा कहा जाता है कि इससे सुख-समृद्धि की प्राप्ति होती है.

नौवां दिन: नवमी पर सिद्धदात्रि की पूजा की जाती है. मां को विभिन्न प्रकार के अनाजों का भोग लगाएं और फिर उसे गरीबों को दान करें. इससे जीवन में हर सुख-शांति मिलती है.