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प्रधानमंत्री ने 4 साल में चार्टर्ड प्लेन से दुनिया घूमने में कितने खर्च किए, CIC ने मांगी रिपोर्ट

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नई दिल्ली: केंद्रीय सूचना आयोग ने विदेश मंत्रालय को साल 2013-2017 के बीच प्रधानमंत्री की विदेश यात्राओं के दौरान प्रयुक्त एअर इंडिया के चार्टर्ड विमान पर आए खर्च से जुड़े दस्तावेजों को सार्वजनिक करने का निर्देश दिया है. मुख्य सूचना आयुक्त आर के माथुर ने मंत्रालय की इस दलील को खारिज कर दिया कि प्रधानमंत्री की विदेश यात्रा के लिए भारतीय वायुसेना और एअर इंडिया की ओर से किये गए बिल की राशि, संदर्भ संख्या और बिल की तारीख से जुड़े विवरण से संबधित दस्तावेज एक स्थान पर संकलित नहीं हैं और आवेदक की ओर से मांगी गयी सूचना को एकत्रित करने के लिए बड़ी संख्या में अधिकारियों को लगाना पड़ेगा.

  • पीएम मोदी यात्रा के दौरान अनिद्रा ऐसी समस्याओं का सामना करना अच्छी तरह जानते हैं. इसीलिए अलग-अलग देशों के दौरे से मोदी को नींद नहीं आने की समस्या नहीं झेलनी पड़ती है.
    • विदेश यात्रा के दौरान पीएम मोदी एक-एक सेकंड का हिसाब-किताब रखते हैं. उन्होंने विदेशी यात्रा के दौरान वक्त बचाने का शानदार तरीका इजाद कर लिया है. वह होटल के बजाय प्लेन में सोते हैं. उड़ान के वक्त प्लेन में सोने से सुबह उनकी नींद उसी देश में खुलती है जहां उनका अगला कार्यक्रम होता है. अगर वह रात में होटल में रुक रहे होते तो वह सुबह जगने के बाद ही नई जगह पर पहुंच पाते.
    • पिछले साल 30 मार्च से 2 अप्रैल के बीच बेल्जियम, अमेरिका और सऊदी अरब की यात्रा के दौरान पीएम मोदी ने तीन रातें एयर इंडिया वन में ही बिताईं जब वह दिल्ली से ब्रसल्स, ब्रसल्स से वॉशिंगटन डीसी और वॉशिंगटन डीसी से रियाद का सफर कर रहे थे. पूरे दौरे में उन्होंने महज दो रातें होटलों में बिताईं- एक रात वॉशिंगटन में और दूसरी रियाद में. मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक किसी पीएम के अमेरिका समेत कई देशों का दौरा महज 97 घंटों में पूरा करने का यह पहला उदाहरण है. पीएम अगर प्लेन में नहीं सोते तो हम कम-से-कम छह दिनों में तो नहीं ही लौट पाते.
    • पीएम मोदी प्लेन में सभी कामों का निपटारा भी करते हैं. मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक जब सफर का कोई हिस्सा पूरा हो जाता है तो पीएम मोदी प्लेन में इसकी विस्तृत रिपोर्ट मांग लेते हैं. अधिकारियों को इतनी छूट नहीं मिलती है कि वो भारत लौटकर ही रिपोर्ट दें. इतना ही नहीं, जब किसी देश में महत्वपूर्ण मीटिंग होनी होती है तो पीएम होटल में प्रवेश करने के 30 मिनट के अंदर ही ब्रीफिंग का बुलावा भेज देते हैं.