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जब 1980 के दशक में श्रीदेवी को इन 5 हीरोईनों से मिलती थी कांटे की टक्‍कर…

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1980 के दशक की आहट के साथ ही सिल्‍वर स्‍क्रीन पर कई नई एक्‍ट्रेस ने अपनी पहचान बनानी शुरू कर दी थी. बदलते मिजाज और बदलते सिनेमा के इस दौर में कई खूबसूरत एक्‍ट्रेस ने अपने-अपने अंदाज में सिल्‍वर स्‍क्रीन पर अपने जलवे को बिखेरा. लिहाजा इनमें कंपटीशन भी देखने को मिला. चूंकि श्रीदेवी पहली फीमेल सुपरस्‍टार के रूप में इसी दशक में बॉक्‍स ऑफिस पर काबिज हुई थीं, सो ज्‍यादातर उनको ही कंपटीशन देने की कोशिशें हुईं.

जया प्रदा (1962)
आंध्र प्रदेश के मिडिल क्‍लास फैमिली से ताल्‍लुक रखने वाली जया प्रदा ने तेलुगु फिल्‍मों से करियर शुरू किया. 1976 में क्‍लासिक तेलुगु फिल्‍म ‘सीरी सीरी मुवा’ की कामयाबी ने हिंदी फिल्‍मों के दरवाजे उनके लिए खोल दिए. इसकी रीमेक 1979 में ‘सरगम’ के नाम से रिलीज हुई और जबर्दस्‍त हिट हुई. इसके चलते वह रातोरात बॉलीवुड स्‍टार बन गईं. उसके बाद 1984 में ‘शराबी’ और 1985 में ‘संजोग’ के बॉक्‍स ऑफिस पर रिकॉर्ड प्रदर्शन से उस दशक में जया प्रदा ने अपनी छाप छोड़ी.

माधुरी दीक्षित (1967)
उस दशक में सबसे जबर्दस्‍त प्रोफेशनल कंपटीशन श्रीदेवी(1963-2018) और माधुरी दीक्षित के बीच देखने को मिला. 1986 में ‘अबोध’ से करियर शुरू करने वाली माधुरी दीक्षित ने श्रीदेवी के स्‍टारडम को टक्‍कर दी. सही अर्थों में श्रीदेवी के बाद माधुरी दीक्षित ही काफी हद तक श्रीदेवी जैसे स्‍टारडम को हासिल कर सकीं. इसीलिए 2000 में एक्‍ट्रेस ऑफ द मिलेनियम के खिताब से नवाजी गईं. गिनीज बुक के मुताबिक वह देश में सर्वाधिक पैसा पाने वाली एक्‍ट्रेस हैं. बीबीसी के एक पोल में उनको अब तक की देश की बेस्‍ट एक्‍ट्रेस का खिताब मिला. माधुरी की लोकप्रियता का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि रामगोपाल वर्मा ने उनको समर्पित करते हुए एक फिल्‍म ‘मैं माधुरी दीक्षित बनना चाहती हूं’ बनाई.