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कैंसर की लड़ाई में अब साथ दे रही है इलाज की नई तकनीक ‘रोबोटिक क्रायोसर्जरी’

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कैंसर के इलाज की तकनीको में एक नया नाम है ‘रोबोटिक क्रायोसर्जरी’ का. इस सर्जरी के लिए दुनियाभर में प्रसिद्ध चीन का जिनान यूनिवर्सिटी स्‍कूल ऑफ मेडिसिन, फूडा कैंसर अस्‍पताल द्वारा दिल्‍ली में मरीजों के लिए मुफ्त परामर्श की व्‍यवस्‍था की जा रही है. दर्दनाक कीमोथेरेपी के बिना क्रायोसर्जरी, नैनो नाइफ थेरेपी के माध्‍यम से कैंसर के मरीजों का इलाज करता है. इस तकनीक के विशेषज्ञ डॉक्‍टर चीन से भारतीय मरीजों को मुफ्त परामर्श देने यहां आए हैं. ‘रोबोटिक क्रायोसर्जरी’ कैंसर जैसी भीषण बीमारी से छुटकारा पाने की एक नई और बेहतर तकनीक है.

दिल्‍ली में हुआ आयोजन
ऐसी ही कैंसर के इलाज की तकनीकों पर चर्चा करने के लिए शनिवार को दिल्ली में ‘कैंसर के इलाज पर पहले राष्ट्रीय पत्रकार सम्मेलन’ का आयोजन हुआ. इस आयोजन में कैंसर के इलाज की दुनिया में आ रही नई पद्धतियों पर चर्चा की गई. इस सम्‍मेलन में बताया गया कि क्रायोसर्जरी एक ऐसी आधुनिक तकनीक है, जिसमें कैंसर का इलाज कीमोथेरपी, रेडियोथेरपी या शरीर को खोलकर की जाने वाली सर्जरियों के बिना किया जाता है.

स्‍पेस कूलिंग तकनीक का इस्‍तेमाल 
दरअसल में यह एक रोबोटिक सर्जरी का तरीका है, जो अमेरिका की स्पेस कूलिंग तकनीक पर काम करती है. इसमें आईस बॉल पद्धति के माध्यम से कैंसर की कोशिकाओं को पूरी तरह खत्म किया जाता है. इस पद्धति में कैंसर की कोशिकाओं को -160 डिग्री तापमान पर लेजाकर पूरी तरह खत्म किया जाता है. क्रायोसर्जरी की सबसे अच्छी बात है कि इसके द्वारा मरीज को किसी तरह का दर्द या पीड़ा का अहसास नहीं होता. साथ ही इस रोबोटिक सर्जरी के लिए शरीर में चीर-फाड़ करने की जरूरत भी नहीं पड़ती.

मिलेगा मुफ्त परामर्श
ऐसे में विश्‍व प्रसिद्ध कैंसर विशेषज्ञ डॉ. क्‍वान वेई, भारतीय मरीजों से मिलने भारत आए हैं. उनका कहना है कि भारत के कई मरीज चीन में इस सर्जरी के माध्‍यम से कैंसर का इलाज करवाने आते हैं. ऐसे में वह भारतीय मरीजों को यहां मुफ्त परामर्श देना चाहते हैं. इस परामर्श के लिए अशोक विहार स्थि‍त अग्रवाल सेंटर में 24 व 25 फरवरी को सुबह 10 से शाम 6 बजे तक डॉक्‍टर क्‍वान मरीजों से मिलेंगे.