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दो साल बाद ही टूट गया रिकॉर्ड, फिर बन गए एक खिलाड़ी से 1000 रन

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क्रिकेट के किसी भी फॉर्मेट में सबसे ज्यादा रन बनाने का रिकॉर्ड हमेशा से ही खास रहता है. 500 रन, 600 रन तो बहुत ही कम बार बने हैं लेकिन वो भी किसी फर्स्ट क्लास क्रिकेट में नहीं बने ब्रायन लारा के 501 रनों को छोड़कर. ऐसे रिकॉर्ड कभी कभार ही बनते हैं. दो साल पहले जब मुंबई के प्रणव धनवड़े ने जब 117 साल पुराना रिकॉर्ड तोड़कर 1009 रन बनाए तो शायद ही किसी ने सोचा होगा कि यह रिकॉर्ड दो साल बाद फिर टूट जाएगा.  लेकिन यह रिकॉर्ड टूटा और मुंबईकर ने ही तोड़ा. वह भी एक 14 साल के खिलाड़ी ने.

नवी मुंबई में एक स्थानीय क्रिकेट टूर्नामेंट में 14 साल के एक छात्र ने नाबाद 1045 रन बनाये. उसके कोच ने यह दावा किया. तनिष्क गावटे ने सोमवार और मंगलवार दो दिन में यह स्कोर बनाया. गावटे के कोच मनीष ने कहा कि इस युवा बल्लेबाज ने कोपारखैरने स्थित यशवंतराव चव्हाण इंग्लिश मीडियम स्कूल मैदान पर टूर्नामेंट के सेमीफाइनल में यह स्कोर बनाया. गावटे ऐसे मैदान पर खेल रहे थे जिसके लेग साइड की सीमा रेखा 60 से 65 गज है जबकि आफ साइड की 50 गज है. उसकी पारी में 149 चौके और 67 छक्के शामिल हैं.

प्रणव से पहले सचिन तेंदुलकर-विनोद कांबली के रिकॉर्ड को अरमान जाफर-सरफराज खान ने तोड़ा था, मुंबई के ही सरफराज खान ने 439 रन और अरमान जाफर ने 498 रनों की पारी खेली थी, उनके ही स्कूल के पृथ्वी शॉ उनसे आगे निकल गए थे, पृथ्वी शॉ ने 546 रन बनाकर रिकॉर्ड तोड़ा था. फिर प्रणव धनावडे ने 1000 रन का जादुई आंकड़ा पार कर विश्व का नया रिकॉर्ड स्थापित किया. अब इस कड़ी में नया नाम जुड़ा है तनिष्क गावटे.

करीब एक साल पहले मुंबई के प्रणव धनावडे ने क्रिकेट इतिहास का सबसे बड़ा स्कोर बनाया. उसने स्कूली क्रिकेट में आज (मंगलवार) नाबाद 1009 रन बनाकार 117 साल का रिकॉर्ड तोड़ा. साल 1899 में एईजे कोलिंस ने इंग्लैंड के एक क्लब मैच में नाबाद 628 रन बनाए थे.

प्रणव ने 1000 रन पूरे कर क्रिकेट की दुनिया में तहलका मचा दिया. यह अपने आप में विश्व रिकॉर्ड है. प्रणब अपनी इस पारी में अब तक 59 छक्के और 127 चौके लगा चुके हैं. प्रणव ने पहले दिन अपनी 652 रनों की पारी में 78 चौके और 30 छक्के जड़े थे.

प्रणव के पिता एक ऑटो रिक्शा ड्राइवर हैं. प्रणव ने जब ये मैराथन पारी खेली तो वह रातों रात क्रिकेट की दुनिया के सितारे बन गए थे. इसके बाद ही मुंबई क्रिकेट एसोसिएशन ने उन्हें हर महीने 10 हजार रु. की स्कॉलरशिप देने का ऐलान भी किया था.