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पुतिन ने अमेरिकी क्रेमलिन सूची का उड़ाया मजाक, ट्रंप के निर्णय को बताया ‘बेवकूफी’

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रूस के राष्ट्रपति व्लादिमिर पुतिन ने अमेरिकी प्रतिबंध कानून के तहत जारी देश के अधिकारियों और उद्योगपतियों की क्रेमलिन सूची पर टिप्पणी की है. पुतिन ने अमेरिका के इस कदम को राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के राजनीतिक शत्रुतापूर्ण और बेवकूफी भरा कदम बताया है. उन्हों ने कहा कि अमेरिका के इस कदम का फिलहाल क्रेमलिन के पास कोई जवाब नहीं है.

रूस के प्रति नर्म पड़ रहे हैं डोनाल्ड ट्रंप
एक तरफ रूस के राष्ट्रपति पुतिन ट्रंप की सूची का विरोध कर रहे हैं तो दूसरी तरफ वाशिंगटन में विपक्षी दल डेमोक्रेटिक पार्टी के सांसदों ने इससे विपरित शिकायत करते हुए आरोप लगाया है कि डोनाल्ड ट्रंप, पुतिन के प्रति नरम रूख अपना रहे हैं. डेमोक्रेटिक पार्टी के सांसदों ने वर्ष 2016 के राष्ट्रपति चुनाव में कथित हस्तक्षेप को लेकर रूस के रक्षा और खुफिया क्षेत्रों को सबसे अलग-थलग करने की मंशा रखने वाले कानून को लागू नहीं करने पर राष्ट्रपति की आलोचना की है. डेमोक्रेट्स का कहना है कि पुतिन द्वारा जवाबी कार्रवाई नहीं किया जाना यह दिखाता है कि रूसी नेता को अभी भी अमेरिका के साथ संबंध सामान्य होने की आशा है.

अमेरिका ने जारी की है सूची
इस सूची में पुतिन प्रशासन के ज्यादातर वरिष्ठ सदस्य शामिल हैं. सूची में 114 राजनीतिज्ञ और 96 कारोबारी शामिल हैं. इनमें से हर कारोबारी एक अरब डालर से ज्यादा संपत्ति का मालिक है और अमेरिकी सरकार उन्हें पुतिन का करीबी मानती है. सात पन्ने की इस गैर-गोपनीय सूची से सीधे किसी प्रतिबंध की शुरुआत नहीं होती. इसमें विदेशमंत्री सर्गेई लावरोव और प्रधानमंत्री मेदवेदेव और रूसी खुफिया एजेंसियों के शीर्ष अधिकारी शामिल हैं. प्रतिबंधित लोगों की इस सूची में ऊर्जा क्षेत्र की रोसनेफ्ट और स्बरबैंक सरीखी बड़ी कंपनियों के सीईओ भी शामिल हैं.

चुनावों में हस्तक्षेप कर सकता है रूस
कुछ दिनों पहले ही अमेरिका की खुफिया एजेंसी (सीआईए) के निदेशक माइक पोम्पिओ ने एक साक्षात्कार में कहा था कि रूस का चुनावों में हस्तक्षेप समाप्त नहीं हुआ है और मॉस्को 2018 अमेरिकी चुनावों में भी हस्तक्षेप कर सकता है. माइक पोम्पिओ ने रूस में एक साक्षात्कार के दौरान कहा, ‘‘मैंने उनकी गतिविधियों में कोई महत्वपूर्ण कमी नहीं देखी है.’’ उन्होंने कहा, ‘‘मुझे पूरी आशंका है कि वे ऐसा करने का प्रयास जारी रखेंगे और ऐसा करेंगे… लेकिन मुझे विश्वास है कि अमेरिका स्वतंत्र एवं निष्पक्ष चुनाव करा सकेगा. हम पूरी कोशिश करेंगे की चुनावों पर उनका प्रभाव ना पड़े.’’

डोनाल्ड ट्रंप आरोपों कर चुके हैं खारिज
अमेरिका की शीर्ष खुफिया एजेंसी ने वर्ष 2016 में आरोप लगाया था कि रूस के राष्टूपति व्लादिमीर पुतिन ने उस साल हुए राष्ट्रपति चुनावों में हिलेरी क्लिंटन के चुनाव अभियान को कमजोर करने और डोनाल्ड ट्रंप की जीत की संभावनाओं को बढ़ाने के लिए व्यापक खुफिया प्रयास किए थे. हालांकि अब तक अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप इन आरोपों को खारिज करते हुए आए हैं. बता दें कि वर्ष 2018 के मध्य अवधि चुनावों में प्रतिनिधि सभा के सभी 435 सदस्य और 33 सीनेटर हिस्सा लेंगे.